इक्कीसवीं सदी की जनसंवेदना एवं हिन्दी साहित्य की पत्रिका
नाम: रश्मि प्रभा
जन्म स्थान: सीतामढ़ी (बिहार)
शिक्षा: स्नातक (इतिहास प्रतिष्ठा)
प्रकाशित रचनायें: कादम्बिनी में और कुछ महत्त्वपूर्ण अखबारों में रचनायें प्रकाशित
अभिरूचियाँ: कलम और भावनाओं के साथ रहना
वेब साईट: http://lifeteacheseverything.blogspot.com /
आत्मकथ्य: सौभाग्य मेरा कि मैं कवि पन्त की मानस पुत्री श्रीमती सरस्वती प्रसाद की बेटी हूँ और मेरा नामकरण स्वर्गीय सुमित्रा नंदन पन्त ने किया और मेरे नाम के साथ अपनी स्व रचित पंक्तियाँ मेरे नाम की - " सुन्दर जीवन का क्रम रे, सुन्दर - सुन्दर जग - जीवन ". शब्दों की पांडुलिपि मुझे विरासत मे मिली है. अगर शब्दों की धनी मैं ना होती तो मेरा मन, मेरे विचार मेरे अन्दर दम तोड़ देते. मेरा मन जहाँ तक जाता है, मेरे शब्द उसकी अभिव्यक्ति बन जाते हैं, यकीनन ये शब्द ही मेरा सुकून हैं