Category: Memoir
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प्रोफेसर राजेंद्र कुमार की स्मृति में
एक अद्भुत शख्सियत का विदा होनाएक अद्भुत रहस्य की तरह होता हैवो अद्भुत रहस्य जो लगता है पृथ्वी में हैवो अद्भुत पृथ्वी जो कुदरत में हैवो अद्भुत कुदरत जो प्राण में हैवो अद्भुत प्राण जो सृष्टि में हैवो अद्भुत सृष्टि जो ब्रह्माण्ड में हैवो अद्भुत ब्रह्माण्ड जो नक्षत्रीय हैवो अद्भुत नक्षत्र जो नभ में हैवो…
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माँ आज तुम्हारी बहुत याद आ रही है
माँ आज तुम्हारी बहुत याद आ रही है तुम्हारी बात ही कुछ और तुम्हारी जादुई छुअन तुम्हारी खुली हुई चेतना की परछाइयाँ ये लो तीन फल अब उनकी शाखों में फूल आए हैं अब उनकी शाखों में फल आए हैं एक नन्ही कली एक मासूम सा पुष्प अभी तुम्हारे आँगन में पिता ने जगह वैसी…
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राजेश जोशी के अवतरण दिवस पर प्रार्थना
कुछ ईश्वर थे जिन्हें महल मिलेकुछ ईश्वर हुए जिनको शरण मिलेकुछ ईश्वर ऐसे भी थे जिन्हें शरणार्थी शिविर मिलेकुछ ईश्वरों ने अपने अपने दूतों को संदेश देकर धरती पे भेजाकुछ ईश्वरों ने पैगंबर की भूमिका में शानदार प्रदर्शन किएकुछ ईश्वरों के जुलूस निकलेकुछ ईश्वरों के रथ निकलेकुछ ईश्वर हवन पूजन यज्ञ में भागीदार बनेकुछ ईश्वरों…
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प्रो. वरयाम सिंह जी का जन्मदिवस
आज मेरे अनन्यतम प्रिय गुरुवर प्रो. वरयाम सिंह जी का जन्मदिवस है। सर के साथ बहुत कम वक्त में ही रूसी साहित्य पर न जाने कितनी बातें संग संग हुई । उनके व्यवहार में न कोई बदलाव तब रहा न अब। जैसे मेरी आँखों में बसे हैं वैसे ही हैं आज भी। बनना है सादा…
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अलविदा – महेंद्र राजा जैन
महेंद्र राजा जैन एक ऐसी विराट अद्भुत अपूर्व शक्ति साहित्यिक क्षेत्र में जब तक रहे, तब तक साहित्य के तमाम आडम्बरों से लड़ते झगड़ते विरोध करते रहे और जो दुनियावी कागज में जिंदगी के सर्जक रहे। उन्हें हमेशा सम्मान देते हुए एक लेखक के बतौर प्रकाशकों के साथ लेखकीय कमाई का मोटा हिस्सा जो खाते…